Thursday, 4 June 2015

Devesh Mishra (Hindi:देवेश मिश्रा)
Commerce student, writer
एक छोटे स्तर पर-
Singer, Speaker, poet, Poetry teller, Artist,
Journalist, Anchor, Author, modal, Actor, Director,
Founder etc. ...
यदि भविष्य में मेरी पुस्तकें प्रकाशित हुईं तो इन
नामों से होंगी -
"अस्तित्व"(in this book i write something about God, इस पुस्तक में इश्वर के विषय में लिखा होगा जो एक विचार परख निबंधात्मक पुस्तक होगी),
"अपवित्र"(यह पुस्तक मेरे निबंधो(essays) का संग्रह होगी, this book is collection of my essays),
"उनकी कहानीं"(इस किताब में मेरे द्वारा लिखीत प्यार के किस्से(love stories) होंगे),
"कुछ पंक्तियों में"(ये जो होगी वो मेरे शेरों की किताब होगी),
"काव्य साधना" (इसमें मेरी कवितायें होंगी)
"My New India"(इसमें मेरी अंग्रेजी कवितायें होंगी, साथ ही भारत के विषय में कहा गया होगा). etc..
~Devesh Mishra.
page: www.facebook.com/deveshsir,
email: sirdevesh@yahoo.in,
twitter: www.twitter.com/deveshsir
website: www.devlogic.in

Saturday, 25 April 2015

kahun khub tere bare mein- By Devesh Mishra



Tere swar se sundar, sangeet nahin hai duniya mein...
Sun kar teri rangat geet mai hi ban jata hoon...
Reeti chalai achhi tune, priti nibhana bhul gai...
Din ke bhi andhere mein,
Diya jalaye baitha hoon...
Ab aur kya kahun, Kahun khub tere bare mein,
Labz antakte hi nhii..
Chalun jo yaad kr tujhe,
Toh raah bhatakta hi nhi..
Khub dikhaya rang tune apna,
Badrang main bas pada raha...
Aane wali aur gujri hui aandhiyon ko,
Bas unglion pe ginta raha...
Pagal sa ho jata hoon...
Tere swar se sundar, sangeet nahin hai duniya mein...
Sun kar teri rangat geet mai hi ban jata hoon...
                   ~Devesh

तुम याद आते हो - By Devesh Mishra

सोता नहीं हूँ रात रात
तुम याद आते हो
फिर मीठे से लम्हों को बिचार
कुछ मुस्कुराता हूँ
कहता नहीं हूँ बात कोई
बस खोया ही रहता हूँ
सोता नहीं हूँ रात रात
तुम याद आते हो
दिन में भी देख के उपर
गिनता सितारा हूँ
हूँ बावरा हूँ ना
क्योंकि तुम याद आते हो
तुमसे मिलने के सोंचे ख्वाबों के
बस दिन ही गिनता हूँ
सोता नहीं हूँ रात रात
तुम याद आते हो
तुम्हारे लब्ज़ों में जा अंतके
उन दो शब्दों की चाहत है
सुने सपनों में आते कदमों
की सुनी–सुनी सी आहट है
रोता रहता हूँ रात रात
तुम याद आते हो
सोता नहीं हूँ रात रात
क्योंकि तुम याद आते हो
                                               ~Devesh Mishra